राजनीतिराष्ट्रीय

AAP बाहर, DMK नाराज़, TMC हारी — फिर भी INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी बैठक आज; 23 दल, एक मंच, कई सवाल

टूटते साथी, बढ़ती दरारें — फिर भी INDIA गठबंधन एक मंच पर; आज की बैठक जो 2029 की दिशा तय करेगी...AAP INDIA alliance छोड़ा क्यों और DMK ने बैठक का बहिष्कार क्यों किया...

INDIA Alliance Meeting 2026: 

नई दिल्ली | राजनीतिक डेस्क

जून 2024 के बाद पहली बार। करीब दो साल की खामोशी के बाद INDIA गठबंधन आज दिल्ली के Constitution Club में एक बार फिर एक छत के नीचे जमा हो रहा है। और इस बार दांव बड़े हैं — क्योंकि गठबंधन के भीतर जितनी एकता दिखनी चाहिए, उससे ज़्यादा दरारें नज़र आ रही हैं।

23 दल आएंगे। लेकिन दो बड़े नाम — AAP और DMK — नदारद रहेंगे। और उनकी गैरहाज़िरी की वजहें महज़ मजबूरी नहीं, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति की असली तस्वीर हैं।इसमें विपक्षी दल गठबंधन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं, क्योंकि गठबंधन के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां हैं और कुछ सहयोगियों के बीच मतभेद भी बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने बताया है कि 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है, जिससे यह हाल के महीनों में विपक्षी गठबंधन की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक बन गई है। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब गठबंधन के कई सदस्य अपने-अपने राज्यों में चुनावी हार और अंदरूनी राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

कौन आएगा — बड़े चेहरे एक नज़र में

आज Constitution Club की मेज़ पर बैठेंगे — कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, TMC की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, SP के अखिलेश यादव, RJD के तेजस्वी यादव और Shiv Sena (UBT) के उद्धव ठाकरे समेत 23 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है।। साथ ही एक नया चेहरा — तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) पहली बार गठबंधन की एक नए घटक के रूप में भाग लेने की संभावना है।

कौन नहीं आया — और क्यों?

AAP पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से दूरी बना चुकी है। दिल्ली चुनाव की हार के बाद Arvind Kejriwal की पार्टी के लिए यह गठबंधन अब फ़ायदेमंद नहीं रहा।

DMK की नाराज़गी और गहरी है। तमिलनाडु में कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़कर TVK नीत सरकार में शामिल होने का फैसला किया — और DMK ने जवाब में बैठक का बहिष्कार कर दिया। यह सिर्फ एक बैठक का बहिष्कार नहीं — यह कांग्रेस को सीधा संदेश है।

बैठक में क्या होगा?

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक एजेंडा तीन बड़े मुद्दों पर केंद्रित है — आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की रणनीति, राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का संयुक्त विरोध और 2029 लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट मोर्चा तैयार करना।


TMC की हार — और गठबंधन की मजबूरी

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने इस बैठक को और ज़रूरी बना दिया है। ममता बनर्जी जो अब तक गठबंधन में “मैं अपनी शर्तों पर आऊँगी” वाले अंदाज़ में रहती थीं — आज उनकी ज़रूरत खुद गठबंधन की है और गठबंधन की ज़रूरत उन्हें।


असली सवाल — क्या यह गठबंधन बचेगा?

2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया था। लेकिन उसके बाद से एक-एक करके साथी छिटकते गए। AAP गई, DMK नाराज़ हुई, TMC हारी।

आज की बैठक बताएगी कि क्या यह गठबंधन 2029 तक टिक सकता है — या यह सिर्फ एक और फोटो-ऑप बनकर रह जाएगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button