
उत्तराखंड सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन वाले अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। यह आदेश खाद्य सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए और 2013, 2015 और 2019 में लगाई गई ऐसी ही पाबंदियों के तहत जारी किया गया है।
उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन वाले अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए आज यह आदेश जारी किया। यह प्रतिबंध पूरे राज्य में लागू होगा और आदेश की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगा।

इस निर्देश में खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध) विनियम, 2011 के नियम 2.3.4 का हवाला दिया गया है, जो खाद्य पदार्थों में सामग्री के रूप में तंबाकू और निकोटीन के इस्तेमाल पर रोक लगाता है। इसे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत जारी किया गया था।
उत्तराखंड ने पहले भी तंबाकू पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें 2013, 2015 और 2019 के आदेश शामिल हैं।



