CM धामी का अल्मोड़ा दौरा: नया विश्वविद्यालय भवन, GEP इंडेक्स और 138.09 करोड़ रुपये लागत की 26 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
GEP क्या है? उत्तराखंड ने क्यों शुरू किया 'सकल पर्यावरण उत्पाद' — जानें देश की पहली ऐसी पहल के बारे में सब कुछ

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में राज्य को ‘विकसित भारत’ लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए सतत विकास प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आर्थिक विकास और पारिस्थितिक स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए ‘सकल पर्यावरण उत्पाद’ (जीईपी) लागू करने वाले पहले भारतीय राज्य के रूप में उत्तराखंड की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला, जो राज्य की दूरदर्शिता को दर्शाता है।
GEP है क्या — और यह क्यों है ज़रूरी?Uttarakhand GEP Index 2026
सरल भाषा में कहें तो GDP जहाँ यह बताती है कि राज्य ने कितना बनाया, वहीं GEP यह मापता है कि प्रकृति ने राज्य को कितना दिया — स्वच्छ हवा, पानी, जैव विविधता, कार्बन अवशोषण। पहाड़ी राज्यों के लिए यह खासतौर पर ज़रूरी है क्योंकि यहाँ की असली दौलत कारखानों में नहीं, जंगलों और ग्लेशियरों में है।
CM धामी ने कहा, “GDP की परंपरा का अनुसरण करते हुए हमने GEP शुरू किया है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के बीच सच्चा सामंजस्य स्थापित हो सके।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को अल्मोड़ा दौरे पर पहुंचे जहां उन्होंने सोबन सिंह जीना कुमाऊं विश्वविद्यालय के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन और कुलपति आवास का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 138.09 करोड़ रुपये लागत की 26 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 17 योजनाओं का लोकार्पण और 9 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अल्मोड़ा में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन और कुलपति के आवास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय लक्ष्यों के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि उत्तराखंड सतत विकास प्रयासों के माध्यम से इस लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तराखंड ने इस विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया है और इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
आँकड़े जो बताते हैं — उत्तराखंड आगे बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीडीपी की परंपरा का अनुसरण करते हुए, उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने ‘जीईपी’ (सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक) शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित करना है। राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है, वहीं सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में पिछले एक वर्ष में ही 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है |
CM धामी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का ज़िक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस राष्ट्रीय सपने में अपना पूरा योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। GEP जैसी अनूठी पहल यह साबित करती है कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं — और उत्तराखंड इसका जीता-जागता उदाहरण बनने की राह पर है
खटीमा में ‘दीदी की लाइब्रेरी’
सोमवार को मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के अपने दौरे के दौरान ब्लॉक कार्यालय परिसर में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव है। खटीमा में स्थापित दीदी की लाइब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं के लिए ज्ञान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह लाइब्रेरी अध्ययन के लिए शांतिपूर्ण और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगी, जिससे छात्र बेहतर तैयारी कर सकेंगे और अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे।



