PM सूर्य घर योजना: उत्तराखंड ने 95% लक्ष्य किया पूरा — 40,000 घरों पर सोलर, देश में टॉप पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का किया विमोचन

देहरादून | 29 मई 2026
PM सूर्य घर योजना उत्तराखंड 2026-जब पूरी दुनिया बिजली संकट, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते कार्बन उत्सर्जन से जूझ रही है — उत्तराखंड एक अलग ही कहानी लिख रहा है। पहाड़ों की इस छोटी सी भूमि ने महज दो वर्षों में अपनी सौर ऊर्जा क्षमता 10 गुना बढ़ा ली है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में CEEW (काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरनमेंट एंड वॉटर) द्वारा तैयार ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन करते हुए यह आँकड़े साझा किए।
वो उपलब्धि जो खुद बोलती है
CM धामी ने बताया कि उत्तराखंड ने 40,000 रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया है। अब राज्य में 290 मेगावाट की रेज़िडेंशियल रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है — और कुल लक्ष्य का 95% कार्य पूर्ण हो चुका है।
PM सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड आज देश के शीर्ष राज्यों में गिना जा रहा है। यह कोई छोटी बात नहीं — क्योंकि इस दौड़ में बड़े-बड़े मैदानी राज्य भी हैं।
सिर्फ सोलर पैनल नहीं — एक पूरी जन-क्रांति
CM धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य महज संयंत्र लगाना नहीं है — बल्कि हर नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनाना है।
इसके लिए राज्य ने अनोखा रास्ता अपनाया — सौर कौथिग (जन-जागरूकता मेला), नुक्कड़ नाटक, और अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम। यानी सरकारी फाइलों से निकलकर यह योजना सीधे गाँव-गली तक पहुँची।
आम आदमी को क्या फ़ायदा?
CM ने तीन सीधे फ़ायदे गिनाए — बिजली बिल में कमी, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य। पहाड़ी राज्य में जहाँ बिजली का बुनियादी ढाँचा हमेशा चुनौती रहा है, वहाँ घर की छत पर सोलर पैनल एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
CEEW और Team Uttarakhand की तारीफ़
CM ने CEEW की टीम, UPCL, UREDA, पिटकुल और तमाम क्षेत्रीय अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा — “यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं, पूरी Team Uttarakhand की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पूरे देश के लिए आदर्श मॉडल बन जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।



