
NEET पेपर लीक विवाद में राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर शिक्षा व्यवस्था तबाह करने का आरोप लगाया, जिसके चलते आकांक्षा जैसी छात्राओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस गंभीर मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी ‘हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार’ का दावा किया है, जो देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताओं को उजागर करता है।
NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक को लेकर विवाद दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता ने प्रवेश परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं से निपटने के केंद्र के रवैये की आलोचना करते हुए मेडिकल की छात्रा आकांक्षा की मृत्यु का हवाला दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
एक NEET परीक्षार्थी की मौत का मामला सामने आने के बाद उन्होंने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री की जमकर आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत युवाओं की पूरी पीढ़ी भुगत रही है। राहुल ने एक्स पर लिखा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ कोचिंग कर सके।
Rahul Gandhi का सीधा हमला
गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आकांक्षा की कहानी साझा करते हुए लिखा कि यह मौत किसी की व्यक्तिगत कमज़ोरी नहीं — यह एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था का नतीजा है।
राहुल ने सवाल उठाया — “और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं। फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस तरह बर्बाद किया गया है — उसकी कीमत भारत की पूरी एक युवा पीढ़ी चुका रही है।
AAP का दावा — हजारों करोड़ का धंधा
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के धंधे में हजारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हो रहा है।
उन्होंने कहा — “देश में छात्र मरने को मजबूर हैं, लेकिन इस मुद्दे पर बात करना मानो गुनाह बना दिया गया है।”
असली सवाल — व्यवस्था कब बदलेगी?
NEET पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। 2024 में भी यही विवाद सामने आया था — जाँच हुई, कमेटी बनी, ट्रांसफर हुए। लेकिन बदला क्या?
लाखों छात्र हर साल NEET की तैयारी में अपने परिवार की सारी पूंजी लगा देते हैं। जब वह परीक्षा ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाए — तो उन छात्रों के सपनों का क्या होता है? आकांक्षा इसी सवाल का जवाब बनकर रह गई।
सरकार की चुप्पी, मंत्री की कुर्सी और विपक्ष के सवाल — यह सब जारी है।


