उत्तराखंड

मोहब्बेवाला में हादसों का सिलसिला जारी.. इस बार ट्रक और पुलिस बस की जबरजस्त भिड़ंत

डिवाइडर तोड़ ट्रक भी क्षतिग्रस्त..जिला प्रशासन के सुरक्षा दावों पर सवाल, धरातल पर कब सुधरेगा मोहब्बेवाला का ‘ब्लैक स्पॉट’?

देहरादून: राजधानी देहरादून के प्रवेश द्वार मोहब्बेवाला हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे एक बार फिर ट्रक और पुलिस बस की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस बस पलट गई, जबकि बेकाबू ट्रक डिवाइडर तोड़ते हुए क्षतिग्रस्त होकर सड़क के बीच जा पहुंचा.हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार उत्तराखंड पुलिस की बस में 8 पुलिस कर्मियों सवार थे,जों हथियारों के साथ आशारोड़ी की तरफ से देहरादून की तरफ आ रही थी. तभी मोहब्बेवाला एंट्री पर (आयकर चेक पोस्ट के पास) रंबल स्ट्रिप ब्रेकर्स पर ड्राइवर द्वारा ब्रेक लगाते ही पीछे से आ रहे बेकाबू ट्रक के ब्रेक नहीं लगे और वह सीधे पुलिस की बस से टकरा गया. पीछे से जबरदस्त टक्कर लगते ही पुलिस की बस पलट गई.और ट्रक डिवाइडर को बुरी कदर क्षतिग्रस्त करता हुआ वहीं फंस गया.. गनीमत रही कि इसमें कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ..
जब पुलिस बस ही सुरक्षित नहीं, तो आम वाहन चालक कैसे सुरक्षित?
मोहब्बेवाला हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जिस सड़क पर पुलिस की बस तक हादसे का शिकार हो रही है, वहां आम वाहन चालकों की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है?
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इस क्षेत्र को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है। सड़क की तकनीकी बनावट, यातायात का दबाव, डिवाइडर और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल लगातार उठते रहे हैं।
निरीक्षण और निर्देशों के बाद भी क्यों नहीं बदली तस्वीर?
मोहब्बेवाला में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं के बाद जिला प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए जाने की बात कही जाती रही है। जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक द्वारा भी पूर्व में मौके का निरीक्षण किया गया था।
लेकिन मंगलवार की ताजा दुर्घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद धरातल पर कितने प्रभावी सुरक्षा इंतजाम किए गए?
राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी वाले इस मार्ग पर यदि लगातार हादसे हो रहे हैं, तो दुर्घटना के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा—यह सवाल अब गंभीर होता जा रहा है।
हादसा दर हादसा… कार्रवाई कब?
मोहब्बेवाला में बार-बार हो रही दुर्घटनाएं केवल एक सड़क हादसे की कहानी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बड़ा सवाल हैं। हर दुर्घटना के बाद मौके का निरीक्षण, निर्देश और सुरक्षा इंतजामों की बात सामने आती है, लेकिन अगली घटना फिर वही सवाल छोड़ जाती है।
अब जरूरत सिर्फ हादसे के बाद व्यवस्था संभालने की नहीं, बल्कि हादसे से पहले उसे रोकने की है। मोहब्बेवाला जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सड़क की तकनीकी खामियों, यातायात प्रबंधन, डिवाइडर, संकेतक और अन्य सुरक्षा उपायों की तत्काल समीक्षा कर स्थायी समाधान की जरूरत है।क्योंकि सवाल सिर्फ एक बस या एक ट्रक का नहीं—इस रास्ते से रोज गुजरने वाले हजारों लोगों की जिंदगी का है।

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