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मसूरी-देहरादून सड़क पर आपदा! पानी वाले बैंड के पास धंसाव से राजधानी का मसूरी से संपर्क कटा, यात्री घंटों फंसे।

मसूरी। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ों पर भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार सुबह मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर एक बार फिर भारी भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। पानी वाले बैंड के पास तड़के करीब पांच बजे हुए भूस्खलन में सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सड़क का एक हिस्सा टूटने के बाद मसूरी-देहरादून मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ मसूरी घूमने पहुंचे पर्यटकों और वापस लौट रहे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। पानी वाले बैंड के पास हुए भूस्खलन की वजह से सड़क का इतना बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया कि फिलहाल सामान्य यातायात के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं है। सड़क बंद होने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा। बारिश के बीच सड़क के क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई है।

कुछ घंटे पहले ही खुला था रास्ता, फिर आया बड़ा संकट

मसूरी-देहरादून मार्ग पर यह लगातार दूसरी बड़ी बाधा है। इससे पहले सोमवार देर रात गलोगीधार के पास भारी भूस्खलन हुआ था। पहाड़ से बड़ी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया था। लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क से मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू किया। करीब आठ घंटे तक लगातार मेहनत करने के बाद रात लगभग दो बजे मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया था।

रास्ता खुलने के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि कुछ ही घंटों बाद पानी वाले बैंड के पास हुए भूस्खलन ने एक बार फिर पूरे मार्ग को बंद कर दिया। लगातार हो रही बारिश के बीच एक के बाद एक भूस्खलन की घटनाओं ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

पानी वाले बैंड पर सड़क का बड़ा हिस्सा बहा

पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन इतना ज्यादा हुआ कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा ही बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद वहां सामान्य यातायात संचालन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। ऐसे में वाहनों को सुरक्षित तरीके से निकालना संभव नहीं हो पा रहा है। सड़क बंद होने से मसूरी जाने और मसूरी से देहरादून की ओर आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।

मौसम खराब होने के कारण यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पहाड़ी मार्ग पर लगातार बारिश होने से सड़क पर फिसलन, मलबा गिरने और दोबारा भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में वाहन चालकों को बेहद सावधानी से सफर करने की जरूरत है।

लोनिवि ने संभाला मोर्चा, वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की कोशिश

मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर जुटी हुई है। सड़क के बह चुके हिस्से के पास पहाड़ को काटकर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलने का काम किया जा रहा है।

हालांकि लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से गिर रहे मलबे के कारण सड़क बहाली का काम आसान नहीं है। किसी भी तरह की जल्दबाजी यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए विभाग की टीम सड़क को यातायात के लिए खोलने से पहले रास्ते को सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दे रही है।

मसूरी-किमाड़ी मार्ग बना विकल्प, लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी

मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग बंद होने के बाद यात्रियों के लिए मसूरी-किमाड़ी मार्ग एक वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि यह मार्ग कई स्थानों पर काफी संकरा है। ऐसे में इस रास्ते पर वाहनों की अधिक आवाजाही होने से जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों से मसूरी-किमाड़ी मार्ग का इस्तेमाल करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। वाहन चालकों को तेज गति से वाहन नहीं चलाने, पहाड़ी मोड़ों पर सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

पर्यटकों की बढ़ी चिंता, यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जानना जरूरी

मसूरी उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और बारिश के मौसम में भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क के बंद होने से पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई है। कई यात्री देहरादून से मसूरी जाने की तैयारी में थे, जबकि कई लोग मसूरी से देहरादून लौट रहे थे। मार्ग बंद होने के कारण उन्हें अपनी यात्रा रोकनी पड़ी है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें। बारिश के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकना या जोखिम लेकर आगे बढ़ना खतरनाक हो सकता है।

बारिश ने बढ़ाई चुनौती, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार सामने आ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। पानी वाले बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा करना जरूरी हो तो प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित मार्ग का ही इस्तेमाल करें। सड़क बहाली का काम पूरा होने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही मुख्य मार्ग पर यात्रा करना उचित होगा।

मसूरी-देहरादून मार्ग के बंद होने से एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा और स्थायी समाधान की जरूरत सामने आई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि लोक निर्माण विभाग क्षतिग्रस्त सड़क को कितनी जल्दी सुरक्षित तरीके से बहाल कर पाता है। तब तक मसूरी जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी से सफर करने की जरूरत है।

पानी वाले बैंड पर सड़क का बड़ा हिस्सा बहा

पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन इतना ज्यादा हुआ कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा ही बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद वहां सामान्य यातायात संचालन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। ऐसे में वाहनों को सुरक्षित तरीके से निकालना संभव नहीं हो पा रहा है। सड़क बंद होने से मसूरी जाने और मसूरी से देहरादून की ओर आने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।

मौसम खराब होने के कारण यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पहाड़ी मार्ग पर लगातार बारिश होने से सड़क पर फिसलन, मलबा गिरने और दोबारा भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में वाहन चालकों को बेहद सावधानी से सफर करने की जरूरत है।

लोनिवि ने संभाला मोर्चा, वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की कोशिश

मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर जुटी हुई है। सड़क के बह चुके हिस्से के पास पहाड़ को काटकर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाने के साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलने का काम किया जा रहा है।

हालांकि लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से गिर रहे मलबे के कारण सड़क बहाली का काम आसान नहीं है। किसी भी तरह की जल्दबाजी यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए विभाग की टीम सड़क को यातायात के लिए खोलने से पहले रास्ते को सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दे रही है।

मसूरी-किमाड़ी मार्ग बना विकल्प, लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी

मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग बंद होने के बाद यात्रियों के लिए मसूरी-किमाड़ी मार्ग एक वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि यह मार्ग कई स्थानों पर काफी संकरा है। ऐसे में इस रास्ते पर वाहनों की अधिक आवाजाही होने से जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों से मसूरी-किमाड़ी मार्ग का इस्तेमाल करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। वाहन चालकों को तेज गति से वाहन नहीं चलाने, पहाड़ी मोड़ों पर सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

पर्यटकों की बढ़ी चिंता, यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जानना जरूरी

मसूरी उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और बारिश के मौसम में भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क के बंद होने से पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई है। कई यात्री देहरादून से मसूरी जाने की तैयारी में थे, जबकि कई लोग मसूरी से देहरादून लौट रहे थे। मार्ग बंद होने के कारण उन्हें अपनी यात्रा रोकनी पड़ी है।

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें। बारिश के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकना या जोखिम लेकर आगे बढ़ना खतरनाक हो सकता है।

बारिश ने बढ़ाई चुनौती, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार सामने आ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। पानी वाले बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा करना जरूरी हो तो प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित मार्ग का ही इस्तेमाल करें। सड़क बहाली का काम पूरा होने और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही मुख्य मार्ग पर यात्रा करना उचित होगा।

मसूरी-देहरादून मार्ग के बंद होने से एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा और स्थायी समाधान की जरूरत सामने आई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि लोक निर्माण विभाग क्षतिग्रस्त सड़क को कितनी जल्दी सुरक्षित तरीके से बहाल कर पाता है। तब तक मसूरी जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेहद सावधानी से सफर करने की जरूरत है।

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